Rangnath Dubey's Poems
Thursday, 13 October 2022
(नीलोफर)
तु तो जानती है,-
इस दो जख के लिए ही है
हर बाजार नीलोफर।
इस अजनबी शहर मे,
हमे हौंसला देता है-
तेरा प्यार नीलोफर।
मै लौट के आऊँगा,
तेरा जाया नही जाऐगा-
इंतजार नीलोफर।
अपने शौहर का इंतजार करती एक नीलोफर।
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