Thursday, 20 October 2022

(तस्ब़ीर बोलती है)
कभी हँसी,तो कभी पीर बोलती है,,,,,,,,
ऐ,रंग----------
ये मिज़ाजे जिंदगी का जादु है,,,,,,,,,,,,,
कि वे चुप रहती है---------
तो उसकी तस्ब़ीर बोलती है।

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