Saturday, 1 October 2022

(हे!राम)
आज भी------
अहिंसा के सीने पे,
चला रहा है गोली-----
नाथूराम।
कब थमेगी ये हिंसा----
बन्दुको की ऐ,रंग----
आखिर कब निकलेगा,,,,,,,,
कातिल के होठो से---------
हे!राम।

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