Monday, 24 October 2022

(लोरियाँ चाँद की)
दूध-रोटी से--------
खाली हो गई कटोरियाँ आज की,,,,,,,,,,
ऐ,रंग------अब माँ को भी-----
कहाँ याद है वे लोरियाँ चाँद की।

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