Rangnath Dubey's Poems
Monday, 10 February 2025
नूपुर
बहुत हुआ
अब दिल्ली को सुर की जरूरत है,
सत्य सनातन के लिए लड़ी
खूब लड़ी
झांसी की तरह
अब वहां के
राजनीतिक आंगन को
डरी सहमी नहीं
बल्कि साहस के पांवों में बजती
हमारी बहादुर बेटी के
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