Rangnath Dubey's Poems
Wednesday, 26 February 2025
(पाक उड़ा आए)
(पाक उड़ा आये)
तुम्हारी शहादत के बदले--
हम पाक उड़ा आये।
उनकी ईंट से ईंट बजा---
हम ख़ाक उड़ा आये।
फ़क्र है, हमें अपने तिरंगे पे,,
इसकी आन की ख़ातिर,,
ऐ"रंग"--हम उन्हीं के घर में-----
उनकी नाक उड़ा आये।।
जय हिंद की सेना।🇮🇳
रंगनाथ दुबे।
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