(वेलेंटाइन डे एक दुःख भरी रोमांटिक कविता)
तेजाब से
झुलसी हुई एक लड़की
कल अचानक से
मेरी कविता
के सामने आकर खड़ी हो गई
और मुझसे बोली
कि मैं भी हूं
एक अधूरी रोमांटिक कविता
मुझे पढ़ो
मेरे स्वप्न के गुलाब की यह
झुलसी हुई पंखुरी
किसी की झूठी मोहब्बत
के मूक गवाह है
मैं डर रही
हर पल
बेमोहब्बत मर रही
आखिर क्या वह
या फिर कोई और
लौटा पाएगा
इस जले हुए
और झुलसे हुए चेहरे की
गुलाबी रंगत
मेरी चौदह फरवरी कब आएगी
कब कोई मुझ पर
अपनी कोई रोमांटिक कविता लिखेगा????😢😢
कहीं किसी शहर में सिसक रही होगी मेरी यह है रोमांटिक कविता✍️✍️
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