इसे विश्व पुस्तक मेले में नृपेन्द्र अभिषेक नृप भाई ने खरीदी और मुझे इसकी जानकारी भी दी उनका भी लेख इस बेहतरीन अंक में शामिल हैं ऐसे में अपने साथ उन्हें भी पढ़ने की जो खुशी मिलेगी सो अलग.
वैसे इस पत्रिका के संस्थापक संपादक पंडित विद्यानिवास मिश्र जी थे जो खुद हिंदी साहित्य के युग प्रणेता साहित्य लेखकों में अग्रणी थे,,,,बाकी बाते लेखकीय प्रति मिलने पर एक बार पुनः सभी वर्तमान संपादक मंडल का बहुत- बहुत धन्यवाद ✍️✍️✍️✍️
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