बेहतरीन लेखकों की कहानियों, लघुकथाओं और कविताओ से परिपूर्ण यह वार्षिक पत्रिका सफेद मजबूत पन्नो और सुंदर छपाई के कारण भी अद्भुत बन पड़ा है, इस पत्रिका को कई वर्ष तक भी अगर आप अपनी किताबों और पत्रिकाओं के डायर में रखेंगे तब भी यह कभी खराब होनें का नाम नही लेगी.
"निश्चित ही अनुवीणा महज़ एक वार्षिक पत्रिका ही नहीं, बल्कि एक बिटिया के द्वारा साकार की गई मां के यादों की एक पूरी पुष्पांजलि भी है"
एक बार पुनः मां को प्रणाम 🌹🌹🙏🙏
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