Monday, 24 February 2025

(उम्र की किताब)

(उम्र की किताब)

पुरे बदन में--
झुरझुरी सी उठ रही,

हे सखी!
बसंत पढ़े छेड़-छेड़,
मेरे उम्र की किताब.

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