सबरी और कुबडी में भेद नही है.
वाल्मीकि और रैदास
डुबकी लगा रहे
तुम भी नहा लो,
हमें कोई खेद नहीं है.
तुम्हें चीढ़ है
विश्व कल्याण के मंत्र से
क्या करोगे
यह तुम्हारी गलती नही ?
तुम जिस पार्टी से जुड़े हो
उस पार्टी में बेटे के अलावा
कोई सिद्धांत
कोई वेद नहीं हैं.
रंगनाथ द्विवेदी
जज कॉलोनी, मियाँपुर
जौनपुर--222002 (U P)
rangnathdubey90@gmail.com
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