सोमवार---(हाथी चुनाव चिन्ह पे मौन साधे है)
बिरादरी के लोकलाज बस झोपड़ी मे अपने,
राकेश धर त्रिपाठी----------
और सतीश मिश्रा को टांगे है!
वरना इस मर्तबा पंडित जी अपने होठो पे रहस्य------
और हाथी चुनाव चिन्ह पे मौन साधे है।
@@@मेरे स्नेहवत बड़े भइया निर्मेश के त्यागी जी ने दैनिक समाचारपत्र वर्तमान-अंकुर मे प्रतिदिन चुनाव की मतगणना तलक एक कालम"चुनावी कटाक्ष"की शुरुवात की है जिसमे आपके इस भाइ की चंद लाइन हर रोज रहेगी।
मै अपने नन्ही कलम से पुरे चुनाव की खट्टी,मिठी,तिखी तमाम हालात के दिदार कराऊँगा और जैसे-जैसे चुनाव का पारा चढ़ेगा इस कालम की टिस और चुभन प्रतिदिन बढ़ती जायेगी।
और संपादक बड़े भइया के इतने बड़े विश्वास को मै पुरा करने कर उसपे खरे उतरने की एक परिपक्व कोशिश करुंगा।
एक मर्तबा फिर आपको मेरा हृदय से आभार निर्मेश भइया।
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