Thursday, 29 January 2026

डॉक्टर अजय शर्मा

Dr Ajay Sharma ----

पंजाब के एक ऐसे उपन्यासकार हैं जिनके लिखे उपन्यास पंजाब के विभिन्न विश्वविद्यालयों के पाठ्यक्रम मे पढ़ाए जा रहे.

(1) एम. ए. के कोर्स में "बसरा की गलियां"--गुरू नानक देव विश्वविद्यालय अमृतसर व पंजाब विश्वविद्यालय पटियाला में.

(2) एम. ए. के कोर्स में "कुमुदिनी"--पंजाब सैंट्रल यूनिवर्सिटी बठिंडा.

(3) प्रभारक के कोर्स में शामिल "चेहरा और परछाई"--पंजाब विश्वविद्यालय पटियाला.

 "खेलै सगल जगत" यह महत्वपूर्ण उपन्यास उन तमाम मुसलमानों के नाम हैं जिनके पूर्वज कभी हिंदू थे. यह उपन्यास कोरियर से अभी-अभी मुझे प्राप्त हुआ है. लेकिन यह उनके लिए उपन्यास होगा, मेरे लिए तो यह "एक साहित्य ग्रंथ हैं" जिसे मैं अपने मस्तक रखता हूं. डॉक्टर अजय शर्मा मेरी और आने वाली पीढ़ी की एक जीवित साहित्य वसीयत है. वैसे पंजाब साहित्य में शिव कुमार "बटालवी", अमृता प्रीतम और खुशवंत सिंह जैसे नाम के बाद एक नाम और है, जिन्होंने अपने समय के पंजाब साहित्य को समृद्ध किया है. मैं ऐसी समृद्धता के बोधि वृक्ष का स्नेह पा सका. यह मेरा सौभाग्य नहीं तो और क्या है? खैर इस विषय की भूख मेरे पाठक और लेखक मन में बहुत पहले से थी अब तो यह उत्कंठा बन गई और तब तलक बनी रहेगी जब तक कि मैं इस उपन्यास को पूरा पढ़ नहीं लेता .

वैसे एक मजेदार बात मेरे लिखने से छूट रही थी लेकिन अचानक लगा कि, नहीं यह बात मेरे लिखने से छूटनी नहीं चाहिए. दरअसल शर्मा सर की उम्र मेरे पिता की उम्र के समकक्ष हैं लेकिन मेरा संबोधन हमेशा बड़े भैया ही रहा इससे मुझे उनके अनुज होने के सुख के साथ ही साहित्य छात्र होने का सुख भी मिल रहा.

साहित्य सिलसिला पब्लिकेशन,कपूरथला रोड, जालंधर से प्रकाशित इस उपन्यास का मूल्य 200/ रुपए रखना समस्त साहित्य पाठक के लिए उनका एक उपहार ही कहा जा सकता है.
सादर प्रणाम ✍️ ✍️ 🙏🙏

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