Monday, 12 January 2026

कामायनी नहीं

(कामायनी नही)

हाँ!
मै भी पढ़ी जाती हूँ,
किसी बंद कमरे में नंगे बदन,
ऐ "रंग" ये और बात है कि,
मै किसी जय शंकर प्रसाद की,
कामायनी नही.

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