Rangnath Dubey's Poems
Saturday, 17 January 2026
मुन्नवर राना
✍️✍️वैसे मुन्नवर राना के जाने से ऐसा लग रहा है कि, जैसे हमारे गले से "मां के दुआओं की बांधी हुई वह ताबीज कही खो गई है, जिसे हमारी मां ने बुरी नजरों से बचाने के लिए हमारे गले में बांधा था"😥😥
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