भूल रहे है------------------
चुनावी शुरुवात मे ही,
सारे संस्कार की भाषा!
इससे निकृष्ट क्या?होगी------
व्यभिचार की भाषा!
कि एै"रंग" चुभ रही देखो,
प्रियंका को खूबसूरत कह रहे-------
भाजपा के विनय कटियार की भाषा।
@@@रचयिता-----रंगनाथ द्विवेदी।
जज कालोनी,मियाँपुर
जौनपुर।
mo.no.------7800824758
धन्यवाद!दैनिक वर्तमान अंकुर,निर्मेश के त्यागी भईया और आज की एक नई चुभन लिये हुये मेरे चुनावी कटाक्ष का।
No comments:
Post a Comment