कल तुम हमारी बस्तियों में वोट मांगने आओगे,
हमारे लिए दलित मुद्दा नहीं,
क्योंकि उत्पीड़न,उत्पीड़न है
किसी छात्र की धर्म या जाति नहीं,
लेकिन तुम किस मुँह से
कल इस अन्याय को
न्याय की तरह समझाओगे,
लोकतंत्र है नेताजी
एक बार नजर से उतरे
तो तुम समझ लेना
फिर तुम
अपने इस सत्ता से उतर जाओगे
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