(जोधा-अकबर और पद्ममावत क्यू है?)
बता एै सिनेमा-
आखिर तुम्हें हमारी इतिहास से,
इतनी अदावत क्यू है?
तेरे दामन मे-----
जोधा-अकबर और पद्ममावत क्यू है?.
सवाल है मेरा तुझसे,
कि सिनेमा के वे--
सेंटीमेंटल और अंतरंगता के सीन,
कोई मनोरंजन नही,
ये इतिहास की पद्ममिनी का,
सीने से खिचा आँचल है,
हद तो ये है कि,
इतने टुच्चे सिनेमाकारो के साथ आखिर--
हमारे यहाँ की अदालत क्यू है?.
ठीक है माना कि,
पद्ममावत जायसी की है,
लेकिन एक तरफ "लव माई बुरका" पे रोक,
लगाने वाली अदालत बता,
कि पद्ममावती हर सिनेमाघर मे लगे,
आखिर ये तेरी---
दो मुँही इजाज़त क्यू है? ।
तेरे दामन मे---
जोधा-अकबर और पद्ममावत क्यू है?.
@@@रचयिता-----रंगनाथ द्विवेदी।
जज कालोनी,मियाँपुर
जौनपुर(उत्तर-प्रदेश)।
rangnathdubey90@gmail.com
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