Saturday, 24 January 2026

रूदाली रह गई

(रुदाली रह गई)

पुरे घोषणापत्र में-----------
दर्शक और उनकी ताली रह गई.

वाह!री दिल्ली की सियासत----
कि लोग पांच वर्ष तकते रह गये,
और अन्ना-हजारे के सम्मान की कुर्सी, 
उनके ही चेले 
अरविन्द केजरीवाल की वजह से 
खाली रह गई.

एै"रंग" इस टिश और चुभन की पिड़ा,
कि वे रोये तो नहीं,
पर लगा जैसे-----------
रेत भरी आँखो में उनके कोई रुदाली रह गई.

वे भी दिल्ली थी और ये भी दिल्ली है. 

विधानसभा चुनाव ---2020.

@@@रचयिता-----रंगनाथ द्विवेदी।
जज कालोनी,मियाँपुर
जौनपुर।
mo.no-----7800824758

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