न जाने ----
किस गली, किस गांव में है,
इस बार ----
प्रभु श्री राम के साथ,
बजरंग बली चुनाव में है.
ले गये थे ----
कभी ये राम को,
चुनावी सबरी के घर,
बेर खाने,
तब से राम,
कश्मीरी पंडितों की तरह उपेक्षित,
अपने ही देश, शह़र
और गांव में है.
इन्हें नेता ----
मंदिर के नाम ठग रहे,
हाय ! कलयुग में राम,
अपने भक्त नहीं बल्कि,
जो इन्हें डूबो दे ,
ऐसे मल्लाह ,
और केवट की नांव मे है.
न जाने ----
किस गली, किस गांव में है,
इस बार ----
प्रभु श्री राम के साथ ,
बजरंग बली चुनाव में है.
@@@ रंगनाथ द्विवेदी
Mo.no. 7800824758
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