Wednesday, 5 April 2023

(इतवार का गम)
ये महज दिवान नही-------
आँसुओ का दरिया है,,,,,,,,,,,,,,,,,
ऐ,रंग----इतवार का गम-------
मेरी चाहते कत्ल का मरसिया है।

दिवान----किताब।
मरसिया----शोक गीत।

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