Thursday, 27 April 2023

(ननिहाल है नेपाल)
पुरी ठंड़ी पहना है तेरा स्वेटर------
और ओढ़ा है तेरा साल,,,,,,,,,,,,,,,
माँ अक्सर कहती थी कहानियाँ-------
अपने राम के लव-कुश की,,,,,,,,,,,,,,
माँ है नेपाल।
ऐ,रंग--इस रिस्ते से-----------
हम सभी लोगो का ननिहाल है नेपाल।

नेपाल से हम सभी लोगो का एक संवेदना का रिस्ता है,,उस नाते मै आज़ अपने इस लेख के पढ़ने वालो से मार्मिक अपिल करता हूँ कि दूःख की इस घड़ी मे जो थोड़ा बहुत संभव हो अपने स्तर से नेपाल का सहयोग अवस्य करे!धन्यवाद।

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