(पान सिंह तोमर )
वे तुम्हारा किरदार, वे बोलती आँखे
उफ़ ! यकीन नही हो रहा----
कि तुम चले गये
हम लोगो के दिलो की चाहत के,
बिहड़ से------
ऐ "पान सिंह तोमर ".
ये तुम्हारे ना रहने का खालीपन,
शायद फिर भर ले सिनेमा,
लेकिन तुम्हारे किरदार के किस्से
ज्यो की त्यों
हमारी यादो की बिहड़ में,
गूँजते रहेंगे-------
ऐ "पान सिंह तोमर ".
@@@रंगनाथ द्विवेदी
जौनपुर mo. No. 7800824758
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