Saturday, 10 December 2022

(खुदा से गज़ल मांगा)
जब ज़मी पे------------
बिमारे दिल की तादात बढ़ने लगी,
तब ऐ,रंग-----------
हम मुहब्बत के फकिरो ने,
खुदा से गज़ल मांगा।

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