Thursday, 29 December 2022

(मूँह दिखाई दी है)
तु चाहे--------
जितना सज ले ऐ शहर-ए-दूल्हन,
मैने तो अपनी पुरानी दूल्हन को,
ऐ,रंग----ताज़िदगी-------
नये सुबह की मूँह दिखाई दी है।

@@@नये साल की कडी मे एक और रचना।

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