Saturday, 3 December 2022

कोलकाता से प्रकाशित राष्ट्रीय त्रैमासिक साहित्य की वैचारिक पत्रिका  "लहक" आज डाक से प्राप्त हुई . 
 इसमें मेरी दो कविताएं  1--सुलगती सिगरेट  2--कैंडिल नाइट को स्थान देने के लिए संपादक निर्भय  देवयांश सर का दिल से आभार. 
 निर्भय सर संपादक के साथ ही अदब के वे रोशन चिराग हैं, जिनके कलम की रोशनाई कभी-कभी दिल्ली की अय्याश  रातों के खिलाफ बगावत करती है.

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