Rangnath Dubey's Poems
Tuesday, 27 December 2022
(दिसंम्बर की आखिरी रात)
शकीना कलेन्डर मे लपेट के लाई है रोटी,
ऐ,रंग----इसके भूखे पेट का पागलपन देख-----
और देख हवस के खरोचो ने इसके पुरे बदन पे लिखा है------
दिसंम्बर की आखिरी रात।
No comments:
Post a Comment
Newer Post
Older Post
Home
Subscribe to:
Post Comments (Atom)
No comments:
Post a Comment