Monday, 14 August 2023

(जलिया वाला बाग)

(जलिया वाला बाग)
सुलग उठी थी जीस घटना से------
सुखदेव,भगत सिंह,राजगुरु
के दिल मे आजादी की आग!
आओ देखे हम सब अबकी-----
वे जलिया वाला बाग।
कांप गया सांडर्स और हिली ब्रिटिश हुकूमत,
तीन शहीदो ने बिगुल फुक दी आजादी की,
बम फेक सीने मे गोली दाग।
आओ देखे हम सब अबकी-----
वे जलिया वाला बाग।
आओ हम महसुस करे---------
जहां पे बच्चो बुढ़ो का कत्ल हुआ,
लहू बहा!
और चीखा उनके दर्द से पुरा जलिया वाला बाग।
आओ देखे हम सब अबकी------
वे जलिया वाला बाग।
एै,रंग------तुम्हे कसम है
पुरे अगस्त पन्ने पे लिखना,
देशभक्त लोगो की फाँसी और जलिया वाला बाग।

No comments:

Post a Comment