Wednesday, 23 August 2023

(बेवफा के पास रहा है)

(बेवफ़ा के पास रहा है)
इस शहर में एक संगतराश--------
सालो से एक बुत तराश रहा है।
सुना है कि वे जान डालेगा अपने साँसो की,
वे अपने ही फन में-----------
कोई खामि तलाश रहा है।
कई दिन,कई राते बीत गई जगी आँखो--
और बढ़े बालो से बेखबर अपनी ही----
मोहब्बत में जाग रहा है।
एक सुबह की भीड़ से जाना कि उस संगतराश ने-------
मुकम्मल कर अपने शाहकार को,
छोड़ दी दुनिया!
एै,रंग-----वे बुते लड़की तो नही आई,
लेकिन ये मर के भी------------
उसी बेवफ़ा के पास रहा है।

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