Rangnath Dubey's Poems
Friday, 25 August 2023
(प्यार का हक)
(मेरे प्यार का हक है)
चाँदनी रात मे भी हमे तेरी--रुह के दिदार का हक है।
ऐ मूमताज़ गर खुदा के घर भी-------
मै कैद हो जाऊँ,,,,,,,,,,,,,,,,,
तो पत्थर-ऐ-संगेमरमर को सदियो तलक तकना---------
ये मेरे प्यार का हक है।
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