Friday, 4 August 2023

(अजान हूं)

(शामे अज़ान हूँ)
मै शब्दो का हिन्दू,तो हर्फो का मूसलमान हूँ,,
मेरी कौम अलग है,मै बट नही सकता---
कवि हूँ तो सुबहे आरती,गर शायर हूँ तो-
ऐ,रंग----मै शामे अज़ान हूँ।

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