Saturday, 5 August 2023

(चांद को हुई क्या)

(चाँद को हुई क्या?)
चाँद तो हमेसा से बद्चलन है------
वे कभी किसी एक की हुई क्या?
पुरी उम्र----------
उसे ही तक के रोता रहा चकोर,,,,,,,,,,,,,,,
ऐ,रंग----ऐसी ही चाह की पीड़ा-----
कभी चाँद को हुई क्या?।

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