Rangnath Dubey's Poems
Thursday, 24 August 2023
(उन्नीसवीं खुदकुशी है)
(उन्नीसवी खूदकुशी है)
कोई रोको उसे-------------
वे इस कदर दिल तोड़ने मे जुटी है,,,,,,,,
कि ऐ,रंग-------------
ये हमारे शहर की उन्नीसवी खूदकुशी है।
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