Rangnath Dubey's Poems
Monday, 12 February 2024
(मुसलमान लड़की)
(मुसलमां लड़की)
हम रेत पर घरौंदे नहीं,
अगल-बगल दो कब्र बनाते है.
और उसपे लिखते है,मोहब्बत.
ऐ रंग---
एक दिन हमारी रुह मिलेगी यही,
तब मै ना हिंदू रहूंगा
ना वे मुसलमां लड़की.
रंगनाथ द्विवेदी
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