Wednesday, 28 February 2024

(मुल्क जिंदाबाद)

(मूल्क़ जिंदाबाद)
आने वाली सदियाँ,करेंगी उसको याद,
उसने ख़ून के कतरे से लिखा----
मूल्क़ जिंदाबाद।
ऐ हूस्ऩ आज इतनी कागज़ पे जगह छोड
लिखने दे हमे,रंग---
उसके कनपटी की आखिरी गोली----
और मूल्क़ जिंदाबाद।

चंन्द्रशेषर आजाद की याद मे,मेरी भावनाओ के चंद फूल---वंदे मातरम,,,इंकलाब जिंदाबाद।

No comments:

Post a Comment