किसी की भी राह आसान नहीं हैं
अपनी जीत पक्की बताओ
लेकिन गौर करो---
तो तुम्हारी चीख में वे जान नहीं है !
बस मुसलमान-मुसलमान तुम सब रट रहे
शायद अबकी उत्तर-प्रदेश,
तुम्हारी नज़र मे हिन्दुस्तान नही है!
ए"रंग" सारा मुलम्मा
तेरे धोखे का उतर जायेगा--
क्योंकि इतना भी बेवकूफ
मुसलमान नही है.
रचयिता-----रंगनाथ द्विवेदी.
जज कालोनी,मियाँपुर
जौनपुर
mo.no.----7800824758
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