Rangnath Dubey's Poems
Tuesday, 27 February 2024
(फटे दुपट्टे को रोज सिलती है)
(फटे दुपट्टे को रोज सिलती है)
जहां से रईस की बिटिया ने
हटा रखा है
दुपट्टा अपना
ऐ,रंग--
वही पर गरीब की बिटिया,
बदन ढ़कने के लिये,
अपने फटे दुपट्टे को रोज सिलती है.
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