Rangnath Dubey's Poems
Sunday, 18 February 2024
(रोटियों के से जलने के निशान मिलते है)
(रोटियो के से जलने के निशान मिलते है)
अँधेरी रात वे औरत है--------
जो सिसकती है फूटपाथ पे होंठ कुचलकर!
इसे पति की छुअन नही मिलती,
इसके पुरे बदन पे ऐ,रंग---------
बस रोटियो के से जलने के निशान मिलते है।
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