Saturday, 24 February 2024

(बसंत हूं)

( बसंत हूं )

मै रोज लद उठती हूँ"
आम के बौर सी,

गुलाबी शर्म ओढ़े!
ऐ,रंग--
मै अपने पिया के कमरे की
"बसंत हूं "

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