Thursday, 15 February 2024

डॉक्टर अनुभूति गुप्ता

खीरी, उत्तर प्रदेश की अकेली महिला रेखा चित्रकार जिसके बनाए तमाम रेखा चित्र हंस,साहित्य अमृत,पाखी, हरिगंधा जैसी साहित्य जगत की उत्कृष्ट पत्रिकाओं में प्रकाशित हो रहे हैं बल्कि उन्हें कई सरकारी व गैर सरकारी संस्थाओं ने भी इन्हें इनकी इस विधा के लिए सम्मानित व पुरस्कृत कर चुकी हैं ये कला की दुनिया की हमारी साहित्य मित्रो में "लियोनार्डो दी विंची" हैं इसके अलावा यह विभिन्न संकलनों की कुशल संपादक होने के साथ ही खुद एक उत्कृष्ट लेखिका हैं जो बेहतरीन कविताओं के साथ ही बेहतरीन लघुकथा भी लिखती हैं जो विभिन्न पत्र पत्रिकाओं में प्रकाशित होती रहती हैं.

एक तरह से एक नाम में इतने सारे रंग हैं मेरी दोस्त या मित्र में की मेरे खुद के नाम की भी सारी रंगत फिकी हो जाती हैं.

ऐसे में मेरी इस दोस्त ने अपनी मां की साहित्यिक यादों की स्मृतियों को इस साहित्य वार्षिकी "अनुवीणा" के द्वारा एक श्रद्धांजलि भी दी है ,पत्रिका की सम्पादक, कवयित्री एवं सुप्रसिद्ध रेखा चित्रकार डॉक्टर अनुभूति गुप्ता जी ने इसे अपनी माँ स्व. डॉ. बीना रानी गुप्ता जी की स्मृति को समर्पित किया है.

बेहतरीन लेखकों की कहानियों, लघुकथाओं और कविताओ से परिपूर्ण यह वार्षिकी सफेद मजबूत पन्नो और सुंदर छपाई के कारण भी अद्भुत बन पड़ा है, इस वार्षिकी को कई वर्ष तक भी अगर आप अपनी किताबों और पत्रिकाओं के डायर में रखेंगे तब भी यह कभी खराब होनें का नाम नही लेगी.

"निश्चित ही अनुविणा महज़ एक वार्षिकी ही नहीं, बल्कि एक बिटिया के द्वारा साकार की गई मां के यादों की एक पूरी पुष्पांजलि भी है."जिसमें मेरी भी लघुकथा शामिल हैं.

 एक बार पुनः मां को प्रणाम 🌹🌹🙏🙏

साथ ही मेरी तरफ से ढेर सारी बधाई व शुभकामना आपकों इन ढेर सारी उपलब्धियों के लिए दोस्त
डॉक्टर अनुभूति गुप्ता ✍️✍️✍️✍️

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