Saturday, 4 April 2020

व्यंग्य---(मोहब्बत की उम्र 50 प्लस है )

व्यंग्य---(मोहब्बत की उम्र 50 प्लस है)

 जब से हमारे देश में--"डिजिटल और सुंदर महिलाओं की संख्या बुलेट ट्रेन की रफ्तार से बढ़ी है". तब से उन्हें 50 प्लस वाले नौजवान बड़े ही ध्यान से देख व तक रहे है. उनका मन इन सुंदर महिलाओ के मेकअप और पहनावे पे इतना लट्टू हो जा रहा कि ये खुद को इस नागिन डांस से बचा नही पा रहे यही कारण है कि  हमारे देश में  50 प्लस के नौजवानों की संख्या में भयंकर बृद्धि हो रही है. इन्होंने अपने हाव-भाव को इतना मेंटेन करना शुरू कर दिया है,  कि बेचारे युवा उनसे लगातार मोहब्बत के इस मैदान में में परास्त हो रहे हैं, "इन होनहार 50 प्लस के युवाओं ने बैद्यनाथ और डाबर के शिलाजीत अश्वगंधा को पछाड़ दिया है". अगर ऐसे ही युवाओं की हताशा बढ़ती रही, तो वे दिन दूर नहीं जब यह चोरी छिपे किसी-- "मेडिकल स्टोर से झंडू केसरी जीवन खरीदना शुरू कर देंगे".

 आप किसी भी जेंट्स पार्लर में चले जाइए तो यह 50 प्लस के नौजवान अक्सर आपको अपने चेहरे पर तमाम मसाज व फिजियोथेरेपी कराते हुए दिख जाएंगे. एक समय था जब--"50 प्लस के नौजवान लोगों को ज्यादातर लोग अंग्रेजी की एक्सपायरी डेट की फेंकी हुई दवा समझते थे". लेकिन नहीं! अब उन्होंने ना सिर्फ अपने युवा उमंगो का ब्रांड बदला बल्कि उसकी स्पायरी डेट अनिश्चितकाल के लिए टाल दी. अब ये तमाम वे हरकतें करते दिख जाएंगे--"जो पर्दे पर इमरान हाशमी का बाकायदा ट्रेडमार्क है". अब यह 'कहीं दीप जले, कहीं दिल' वाले गाने नहीं बल्कि बड़े चटकारे और चाव के साथ 'जलेबी बाई'और 'बीड़ी जिगर से जलाई ले पिया' सुनते हैं. 

 आजकल युवा लोगों  के चेहरे की तासीर इतनी धराशाई व क्षतिग्रस्त हो चुकी है,  कि अब इन्हें मोहब्बत के पर्व भी उतने आकर्षित नहीं करती,  जितने कि इन 50 प्लस वालों को. आजकल--"इन डिजिटल महिलाओं की सुंदरता ने इनकी बी.पी.और शुगर के साथ इनकी मोहब्बत का  प्लेटलेट भी मेंटेन किए हुए हैं और युवा का दिल तोड़ कर इन महिलाओं ने इन्हें मोहब्बत में हारे हुए डेंगू का पेशेंट बना दिया है". युवाओं के चेहरे पर कहीं कोई ताजगी या खिलापन नहीं है बल्कि किसी 50 प्लस के युवा के साथ गुलछर्रे उड़ाती हुई महिला को देखकर उस नौजवान पति के चेहरे सी हो गईं है जिसके 3 बच्चों की मां उसे छोड़कर एक रिटायर बूढ़े नौजवान के साथ घर छोड़कर भाग गई हो. अतः अब डिजिटल महिलाओं के पसंद नापसंद में भी परिवर्तन आ गया है. 

 यह डिजिटल महिलाएं कभी-कभी तो युवाओं और नौजवानों को ऐसे देखती व तकती व तकती हैं जैसे--"इलाज कराने में सक्षम महिला किसी झोलाछाप डॉक्टर को देखती व तकती है ". इनके लिए आजकल मोहब्बत उस मल्टीनेशनल अस्पताल की तरह है,  जिसका सर्वे सर्वा डॉक्टर उसका 50 प्लस का प्रेमी है. जो भरपूर परफ्यूम और रेमण्ड का सूट पहने अपनी प्रेमिका की कलाई को कुछ यू पकड़ता है,  जैसे हनीमून पे गये नये जोडें एक दुसरे की कलाई. अतः इन्होंने अब--"मोहब्बत के उम्र को अपनी लौह प्रतिभा से 50 प्लस कर दिया है". 

यह व्यंग्य लेख मेरा स्वलिखित व अप्रकाशित है. 

लेखक--रंगनाथ द्विवेदी 
जज कॉलोनी, मियांपुर 
जिला--जौनपुर pin. no. 222002 (U P)
Mo. no. 7800824758

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