Monday, 13 April 2020

व्यंग्य--(अंतराष्ट्रीय पुरुष दिवस )

व्यंग्य--(अंतरराष्ट्रीय पुरुष दिवस )

19 नवंबर केवल अंतरराष्ट्रीय पुरुष दिवस ही नही बल्कि ये उसकी पत्नी के प्रेम के-"गुरुत्वाकर्षण की चुंबकीय चाहत का लालित्य दिवस भी है".बेशक ये अंतरराष्ट्रीय पर्व अभी महिला दिवस की तरह मनाये जाने से कई किलोमीटर दुर है. लेकिन मुझे विश्वास है कि एकदिन हमारे देश मे ये पर्व--"करवा चौथ की तरह वायरल होगा". जो तथाकथित पुरुष इस पर्व से वंचित व पुरानी इमारत की तरह धराशायी है. उनके भी इस--"अंतरराष्ट्रीय पुरुष दिवस के अच्छे दिन आयेंगे" और वे भी इसके रसास्वादन का फीलगुड महसूस करेगे.

इस अंतरराष्ट्रीय पुरुष दिवस के पर्व व त्योहार के हफ्तो पहले,पुरुषो के भी मेकप की बाजारे सजेगी वे भी अपने मुखमंडल पे मसाज की वे "रंगाई-पुताई करायेगा, कि पत्नियां बस देखती रह जायेगी". ऐसा नही कि वे जानबूझकर अपने--"मुखमंडल को गड्ढायुक्त सड़क की तरह किये रहता है". वे भी चाहता है कि उसे भी इस अंतरराष्ट्रीय पुरुष दिवस के दिन थोड़ी राहत मिले और वे अपनी पत्नी की--"मोहब्बत के फोरलेन पे उसकी मुस्कुराहट का लांग ड्राइव टेस्ट करे या छायावाद के हिन्दी की रीमिक्स चाऊमीन का रसास्वादन  करे".मुझे पूर्ण विश्वास है कि एक दिन हमारे देश का हर पुरुष अपनी पत्नी के हाथो इस अंतर्राष्ट्रीय पुरूष दिवस को --"24 कैरेट के तनिष्क डायमंड के लव गिफ्ट की तरह इन्ज्वॉय करेगा".

हमारे देश में पतियों या पुरुषो को भी अपनी पत्नी के प्रेम का--"ये स्वादिष्ट व स्वास्थ्यवर्धक डाबर च्यवनप्राश मिलते रहना चाहिये".नही तो पतियो या पुरुषो का मुँह टीबी के उस विज्ञापन की तरह हो जायेगा जिसमे ये दिखाते है कि--"कुछ लेते क्यो नही?". जिन होनहार पुरुषो या पतियो को उनकी पत्नियां ऐसा करती है उनके पतियो के मन का लव टेस्ट--"हल्दीराम के ब्राडेड चटपटे आलू भुजिया की तरह है". जिन पतियो का दिल अपनी पत्नी के प्रेम से वंचित या सुखाग्रस्त है वे बेचारे देखने मात्र से ही-- "अंतरराष्ट्रीय पुरुष दिवस नही बल्कि सरकारी अनुदान लगते है".

हम ऐसे प्रेम के लकवाग्रस्त पतियो या पुरुषो के साथ हो रहे--"उनके दिल के आतंकी नुकसान" की खातिर इस अंतरराष्ट्रीय पुरुष दिवस के एक हफ्ते पहले अपने-अपने पतियो से इस दिन प्रेम करने वाली पत्नियों से एक ग्रुप बनवाकर,
अपने पति से इस अंतरराष्ट्रीय पुरुष दिवस के दिन भी प्रेम ना करने की इस--"मेंटल लव इलनेस से ग्रस्त पत्नियों की काउंसलिंग करा कर अंतरराष्ट्रीय पुरुष दिवस से पहले उन्हे प्रेम या प्यार की मुख्य धारा मे लाने का नैसर्गिक प्रयास करेंगे".

मै सौभाग्यशाली पतियो की श्रेणी का अद्वितीय पुरुष हू,क्योंकि मुझे प्रतिवर्ष इस अंतर्राष्ट्रीय पुरुष दिवस के दिन मेरी पत्नी बिल्कुल अपने करवा चौथ की तरह मुझे भी सजा व सवाकर--" अपने लग्जरी प्रेम का रोमांटिक इजहार करती है".ये उसी के मोहब्बत की देन है, जो मै आज की तारीख मे--"आउट डेटेड स्कूटर से सेल्फ स्टार्ट न्यू ब्रांड की बाइक हो गया हूं".

वरना व्याह से पहले ही मेरे सर के काफी बाल--"मल्टिडिस्टर्ब टाइप के सर की तरह मेरा साथ छोड़ चुके थे या रिजेक्ट कर चुके थे"  जिसके चलते मेरा मुखमंडल 2019 मे ही "तलत अजीज के गज़ल की तरह हो गया था".लेकिन मेरी जिंदगी मे पत्नी जैसी महिला के आते ही मेरे अंतरराष्ट्रीय पुरुष दिवस को चार चाँद लग गये मेरा कायाकल्प हो गया सच मेरी पत्नी मेरे खुशियों की कैडबरी चाकलेट है.

यह व्यंग्य लेख मेरा स्वलिखित व अप्रकाशित है.

लेखक--रंगनाथ द्विवेदी
जज कालोनी,मियाँँपुर
जिला--जौनपुर 222002 (U P)
Mo.no.7800824758

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