Wednesday, 1 April 2020

कहानी---(मजमें वाली लड़की )

कहानी----(मजमें वाली लड़की )

मैं अपने छात्र जीवन मे--कॉलेज से लौटते समय बीच रास्ते में पड़ने वाली कचहरी के मजमें में अक्सर रूक जाया करता था. "मेरे उस मजमें को देखने या रुकने का मुख्य मरकज वह मजमें वाली लड़की थी". जो दिन दुनिया के तमाम रंगों से अनजान बेखबर अपने करतब दिखाने में खो जाती फिर--जैसे ही करतब खत्म होता वह--"मजमें वाली लड़की" अपने कटोरे में इधर-उधर फेके सिक्के डालती और उसे अपनी फटी झोली में रख गर्मी की चिलचिलाती धूप में घर की तरफ चल देती.

 मैंने सुना था कि इस--"मजमें वाली लड़की को इसके शराबी बाप ने वसीयत में तीन छोटी बहने और टीवी से खासती हुई मां दी थी". उन्हीं का पेट भरने और मां की दवा ने उसे एक सामान्य सी लड़की से मजमें वाली लड़की में बदल दिया. सच--"किसी की भूख और मजबूरी विश्व की सबसे कठिन किताब है और टीवी से खासती हुई बीमार माँ की दवा सबसे बड़ी डिग्री". फिर कुछ  एक दिन आया तो पता चला कि तीन-चार दिन से वे मजमें वाली लड़की कचहरी में अपने करतब दिखाने नहीं आ रही. 

 इसी बीच मेरे पापा की बदली किसी और शहर हो गई और पढ़ लिख कर मुझे भी कचहरी में ही सरकारी नौकरी मिल गई. धीरे-धीरे कर  हमारे जेहन से वह मजमें वाली लड़की न जाने कब निकल गई इसका पता ही नहीं चला. अचानक उसी शहर और कचहरी में जब 19 वर्षों के बाद मैं बदली होकर आया तो मेरे जेहन में वह कॉलेज, कचहरी वाली लड़की फिर से याद आ गई. 

 मेरे पांव बरबस ही उस तरफ जैसे खींचे चले जा रहे थे जहां कभी कचहरी में--"वे मजमें वाली लड़की अपने करतब दिखाया करती थी". मेरी यह आंखें उसे जल्द से जल्द देखने को जैसे कई सालों से बेचैन हो. मैं जब वहां पहुंचा तो कचहरी की वे जगह वीरान खाली और खंडहर सी लग रही थी जहां मेरी मजमें वाली लड़की कभी अपने करतब दिखाया करती थी. 

उस जगह लोग तो थे लेकिन मेरे मजमें वाली लड़की नहीं थी. पूछने व पता करने पर यह पता चला कि मेरे उस--"मजमें वाली लड़की को उसके शराबी बाप की वसीयत ने उसे असमय ही मार डाला". यह सुन कर मेरे अंदर एक हूक सी उठी और मुझे करतब दिखाती, कटोरे में तमाशबीनो के फेके सिक्के उठाती, अपनी फटी झोली में रख गर्मी की तपती दोपहरी में नंगे पांव घर  जाती हुई वे मजमें वाली लड़की अब बस--"मेरी इस जेहन की याद बनके रह गईं". 

यह कहानी मेरी स्व-लिखित व अप्रकाशित है. 

लेखक--रंगनाथ द्विवेदी 
जज कालोनी, मियांपुर 
जिला--जौनपुर pin. no. 222002 (U P )
Mo. no. 7800824758

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