Saturday, 4 April 2020

व्यंग्य---(राहुल गाँधी यानि कांग्रेस के कोरोना वायरस )

व्यंग्य-----(राहुल गाँधी यानि कांग्रेस के कोरोना वायरस )

"राहुल गांधी को अब कांग्रेस जैसी राष्ट्रीय पार्टी का युवराज नहीं बल्कि उन्हें कांग्रेस का  कोरोना वायरस कहना चाहिए". जिस तरह चीन से पहले कोरोना वायरस को आज डब्ल्यूएचओ ने महामारी घोषित कर रखा है,  ठीक उसी प्रकार इस समय कांग्रेस के राहुल गांधी की स्थिति है. इनसे बचाव के लिए खुद कांग्रेस जैसी पार्टी के लोग डब्ल्यूएचओ की तरह लगे हैं, लेकिन राहुल गांधी से--"कांग्रेस जैसी कोरोना महामारी से बचने या बचाने का टीका उनके पार्टी के लोग ही नहीं ढूंढ पा रहे". 

 अब तो हालत यह है कि राहुल गांधी जिस भी राज्य में अपना कोरोना वायरस जैसी वाणी बोलते हैं वहां उनकी राजनैतिक समझ बूझ इतनी तीब्रता के साथ फैलती है, अगर उसे रिएक्टर पैमाने पर नापा जाए तो इस वायरस की रफ्तार अर्थात राहुल गांधी की रफ्तार 100% कोरोना वायरस से तेज व तीव्र पाई जाएगी ऐसा तथाकथित बौद्धिक लोगों का मानना है. 

 कुछ एक  राज्यों में कमलनाथ जैसे लोग इस कोरोना वायरस अर्थात राहुल गांधी जैसे लाइलाज, कोरोना वायरस से इतने ज्यादा राजनीतिक रूप से संक्रमित है कि उनकी सत्ता या  सरकार तलक कोरोना वायरस पीड़ित व्यक्ति की तरह मध्यप्रदेश में औंधे मुंह गिर जा रही . इस मामले में सबसे सौभाग्यशाली मध्य प्रदेश के ज्योतिरादित्य सिंधिया निकले,  जो समय रहते ना सिर्फ इस वायरस के संक्रमण से खुद को बचाया बल्कि तुरंत भाजपा की राजनैतिक इलाज के बचाव को अपना लिया यानी कांग्रेस की राजनीतिक महामारी अर्थात कोरोना वायरस से ज्योतिरादित्य सिंधिया बच गए. लेकिन अभी भी "इस कोरोना वायरस का कोई भी सटीक इलाज या टीका मुझे कांग्रेस में दूर की कौड़ी लग रहा". 

 जब से राहुल गांधी के नाम का कोरोना वायरस  कांग्रेस की मुख्य राजनीति में आया है,  तभी से धीरे धीरे कांग्रेस नष्ट होती जा रही. 
 सोनिया गांधी ने मनमोहन सिंह को प्रधानमंत्री बनाकर अपने पुत्र रूपी राहुल गांधी जैसे कोरोना वायरस से अपनी चालाकी के मास्क से कुछ समय के लिये  बचा तो लिया था,  लेकिन अंततः ऐसा वह कब तक कर पाती और कर भी नहीं पाई. अंततः कांग्रेस  जैसी राष्ट्रीय पार्टी में राहुल गांधी को अध्यक्ष बनाते ही इस पार्टी में लाइलाज कोरोना वायरस का प्रादुर्भाव हुआ. 

 और रफ्ता रफ्ता कांग्रेस में राहुल गांधी जैसे कोरोना वायरस ने विकराल रूप ले लिया. जिसका खामियाजा यह है कि, आज कांग्रेस में किसी कोरोना वायरस ग्रस्त नेता के साथ रहने या चुनाव लड़ने से बेहतर है कि वे नेता या व्यक्ति कांग्रेस के राहुल गांधी रूपी कोरोना वायरस से बचकर वे निर्दलीय चुनाव लड़कर अपना सटीक बचाव कर सकता है. 

 अतः कांग्रेस जैसी राष्ट्रीय पार्टी में आज राहुल गांधी जैसे कोरोना वायरस का होना पार्टी की महामारी का लक्षण है. किसी भी राज्य में आपको सबसे ज्यादा संक्रमित लोग अंन्यत्र  पार्टी में नही. बल्कि कांग्रेस जैसी राष्ट्रीय पार्टी में मिलेंगे. आइए अब भी गधे ने ज्यादा खेत नहीं खाया है. अतः समय रहते राहुल गांधी जैसे कोरोना वायरस से अगर पार्टी और पार्टी के लोगों को बचना है,  तो सबसे पहले उन्हें अब  इस उम्र में युवा कहना बंद करें, उनकी शादी किसी खूबसूरत विदेशी महिला से करा के 1 साल के लिए बिना किसी को बताए हमेशा की तरह गुपचुप तरीके से हनीमून पर भेज दें. जब इनकी चाहत का तापमान 40 डिग्री सेल्सियस के पार हो जाएगा, तो इनके अंदर व बाहर के कोरोना वायरस खुद ही नष्ट हो जायेगे और इस नाम की महामारी पे खुद पार्टी के लोग विजय पा लेंगे. 


यह व्यंग लेख मेरा स्व-लिखित व अप्रकाशित है. 
दिनांक-21/3/2020

लेखक--रंगनाथ द्विवेदी 
जज कालोनी, मियांपुर 
जिला-जौनपुर, pin. No. 222002 (U P)
मोबाइल नंबर-7800824758

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