Wednesday, 3 May 2023

इस लेख का आशय किसी को आहत करना नही है,ये मेरा महज व्यक्तिगत विचार भर है।
                        (जिन्ना व नेहरु)
जिन्ना व नेहरु-----------
इस मुल्क के दो घाव थे!
इनकी चाह थी दिल्ली-----
इनके इसी चाह की भूख ने,
लाखो-लाख जिंदगियाँ निगल ली।
मजलुम औरतो की आबरू लुटी गई,
स्तन काटे गये,
मासूम बच्चियो के गुप्तांगो मे खंजर उतारा गया।
जिन्ना के कायदे आजम बनने की नाजायज भूख ने ही,
पाक जैसे नामाकूल देश को जन्म दिया।
लेकिन वहा भी खुदा ने एक मुसलमान के तौर पे,
जिन्ना को कबूल नही किया।
कहते है कि इस्लाम मे-----------
एक मर्तबा दफन होने के बाद दोबारा कब्र खोदना हराम है,
पर सुना है कि पाकिस्तान के इस कायदे आजम की कब्र,
कईयों मर्तबा खोदी गई।
एसे गलिज शख्स की तस्वीर ----------
हमारे मुल्क के तालिमे मस्जिद मे टंगा होना,
सच्चे और राष्ट्रभक्त मुसलमानों की तौहीन नही तो क्या है?
सच तो ये है की इस शख्स की तस्वीर को,
हमारी वर्षों पुरानी कांग्रेस सरकार को,
बेईज्जत कर कही फिकवा देना चाहिये था,
जो शायद अपने वोट बैंक की खातिर काग्रेस कभी कर नही पाई।
फिलहाल हमारे मुल्क के किसी भी दिवाल पे अगर किसी को-----
टांगना है तो वहाँ जिन्ना नहीं कलाम टंगे हो।
और इस देश के एैसे तमाम राष्ट्र-विरोधी--------
गैग्रीन जैसे पाँव काट देने चाहिये।

@@@रचयिता-----रंगनाथ द्विवेदी
जज कालोनी,मियाँपुर
जौनपुर----222002 (उत्तर-प्रदेश)।
mo.no.----7800824758

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