Rangnath Dubey's Poems
Tuesday, 23 May 2023
(पगली बना दो)
नन्हे-नन्हे पाँव-----
छोटी-छोटी अँगूली बना दो.
ऐ,खुदा----------
मुझे फिर से बचपन की तितली बना दो.
मै तैरु गाँव के पोखर,
और तोडू फिर बाग से अंम्बिया,
मुझे माँ की डाँट-------
और बापू के दुलार की पगली बना दो.
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