इसके संपादक, बिहार के बिभूति भूषण झा सर है, जो वर्तमान में गुवाहटी में सरकारी उच्च पद पर कार्यरत है. इनके बेहतरीन संपादन में अब तक,
"अवली","इन्नर ", "बारहबाना ",और काव्य-संकलन "प्रभाती " आ चुकी है.
इनके दो संकलन में मुझे भी शामिल होनें का सौभाग्य प्राप्त है, "इन्नर " में मेरी कविता के साथ ही एक लघुकथा भी शामिल थी. और अब "प्रभाती " में भी उपस्थित हूं.
"प्रभाती " काव्य संकलन अमेजॉन पर भी उपलब्ध है जिसे आप कोरियर चार्ज सहित महज़ 150/ रूपए में अगर चाहे तो आर्डर कर आसानी से प्राप्त कर सकते है.
एक बार पुनः संपादक बिभूति भूषण झा सर का आत्मीय आभार कि उन्होंने मुझे अपने एक और संकलन में शामिल होनें का अवसर दिया 🌹🌹🙏🙏
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