Sunday, 14 May 2023

मुनव्वर राना के विवादित बयान पर चंद लाइन-------

         ( मुनव्वर माँ हिन्दू या मुसलमान हुई )

तुमने "माँ" पे ढ़ेरो लिखा मुनव्वर, 
लेकिन तुम मुक़म्मल-----
इस मिट्टी और मुल्क़ के हो नही पाये. 

ये दरख़्त, ये जुगनू, ये पीपल 
भी ना तुम्हें मुआफ करे मुनव्वर, 
तुमने जो लिखा-------
उस अदब के भी हो नही पाये. 

ये तुम्हारी जहालत है कि--
दोजख़ तेरी जुबान हुई, 
बता ऐ मुनव्वर---
आखिर कब से तेरी "माँ "
हिन्दू या मुसलमान हुई. 

यह रचना मेरी स्वरचित है. 

रचयिता---रंगनाथ द्विवेदी 
जज कॉलोनी, मियांपुर 
जौनपुर.

No comments:

Post a Comment