Rangnath Dubey's Poems
Wednesday, 24 May 2023
(नीलकमल )
तड़पता है,सिसकता है
बुलाता है कोई "नीलकमल"
सदियों चुनी दीवाल से
गाता है कोई "नीलकमल"
ए "रंग" किसी युग में
कोई पाता है कहां "नीलकमल"
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