Wednesday, 3 May 2023

(वंदे मातरम गाये)
शहीद की लाश को जब गाँव दफनाये------
तो वंदे मातरम गाये।
ना बीबी तोड़े चुड़ी ना आँसू बहाये,
फक्र करे हमपे और खुल के मुस्कुराये,
और अपने शौहर की शहादत पे---------
वंदे मातरम गाये।
माँ ने गाई थी बचपन में लोरियां बहुत,
आखिरी इच्छा है कि रोना नही माँ,
गर हो सके तो तु भी मेरी लाश के सिरहाने,
अपने बचपन के लोरियो की तरह-------
वंदे मातरम गाये।
बापु देना कांधा कब्र तक मुझे,
और मिट्टी डालते बखत,
दिल कमजोर मत करना,
क्योंकि मेरी इच्छा है कि आपके लब पे बेटा नही बापु-------
वंदे मातरम आये।
शहीद की लाश को जब गाँव दफनाये-------
तो वंदे मातरम गाये।

@@@रचयिता------रंगनाथ द्विवेदी।
जज कालोनी,मियाँपुर
जौनपुर।
mo.no.------7800824758

No comments:

Post a Comment